पेनिस पंप के बारे में इंटरनेट पर बहुत-से बड़े-बड़े दावे मिलते हैं, और इसी वजह से पहली बार ख़रीदने वाले पुरुष उलझ जाते हैं। यह गाइड सीधे शब्दों में बताती है कि पंप असल में क्या करता है, क्या नहीं करता, इसे सुरक्षित तरीके से कैसे इस्तेमाल करें और किन लोगों को पहले डॉक्टर से बात करनी चाहिए।
पेनिस पंप क्या होता है?
पेनिस पंप एक पारदर्शी सिलिंडर होता है, जिसके साथ हाथ से या बटन से चलने वाला पंप जुड़ा होता है। सिलिंडर को लिंग के ऊपर रखकर उसके अंदर की हवा बाहर निकाली जाती है। इससे बना हल्का वैक्यूम लिंग में खून खींचता है, और लिंग कुछ समय के लिए ज़्यादा भरा हुआ और सख़्त महसूस होता है। नीचे का नरम स्लीव शरीर से सील बनाने में मदद करता है, और रिलीज़ वाल्व दबाते ही हवा वापस चली जाती है।
क्या पेनिस पंप से साइज़ बढ़ता है?
नहीं, स्थायी रूप से नहीं। पंप का असर अस्थायी होता है। कोई भी पंप, तेल, क्रीम या कैप्सूल स्थायी बढ़ोतरी की गारंटी नहीं दे सकता, और जो विक्रेता ऐसा दावा करे उससे सावधान रहें। पंप कोई इलाज भी नहीं है। अगर साइज़ या इरेक्शन को लेकर चिंता है, तो डॉक्टर या यूरोलॉजिस्ट से बात करना ही सही रास्ता है।
पेनिस पंप के प्रकार
- मैनुअल पंप: हाथ से दबाकर हवा निकाली जाती है, और रफ़्तार आपके हाथ में रहती है। शुरुआत के लिए आसान और किफ़ायती। जैसे: मैनुअल पावर पंप।
- गेज वाला पंप: इसमें प्रेशर दिखाने वाला गोल मीटर होता है, जिससे दबाव पर नज़र रखना आसान होता है। जैसे: गेज और ट्रिगर वाला वैक्यूम पंप।
- ऑटोमैटिक पंप: बटन दबाने पर कंट्रोलर ख़ुद हवा निकालता है, और छोटी डिजिटल स्क्रीन पर लेवल दिखता है। जैसे: ऑटोमैटिक डिजिटल पंप।
- पूरी रेंज यहाँ देखें: पेनिस पंप।
पेनिस पंप कैसे इस्तेमाल करें — स्टेप बाय स्टेप
- पहले बॉक्स में दिए निर्देश पूरे पढ़ें। हर पंप का तरीका थोड़ा अलग हो सकता है।
- ज़रूरत हो तो जड़ के पास के बाल छोटे कर लें, ताकि सील अच्छी बने और बाल न खिंचें।
- नरम स्लीव और जड़ पर थोड़ा वाटर-बेस्ड ल्यूब लगाएँ। देखें: ल्यूब कैसे इस्तेमाल करें।
- सिलिंडर को लिंग के ऊपर रखें और स्लीव को शरीर से हल्के से सटाएँ।
- धीरे-धीरे पंप करें। थोड़ा खिंचाव महसूस होना ठीक है, दर्द होना ठीक नहीं।
- कम दबाव पर ही रुकें और सेशन छोटा रखें। निर्देशों में लिखे समय से ज़्यादा न लगाएँ।
- ख़त्म करने पर रिलीज़ वाल्व दबाएँ, हवा निकलने दें और फिर सिलिंडर आराम से हटाएँ।
ज़रूरी सावधानियाँ
- दर्द, सुन्नपन, ठंडापन या त्वचा का रंग बदलता दिखे, तो रिलीज़ वाल्व तुरंत दबाएँ और उस दिन दोबारा कोशिश न करें।
- ज़्यादा दबाव से बेहतर नतीजा नहीं मिलता। इससे चोट या नीले निशान पड़ सकते हैं।
- अंडकोष सिलिंडर के अंदर न खिंचें, इसका ध्यान रखें।
- अगर आपको खून बहने की कोई बीमारी है, आप खून पतला करने की दवा लेते हैं, डायबिटीज़ है या लिंग पर कोई चोट या घाव है, तो पहले डॉक्टर से पूछें।
- नशे की हालत में या बहुत थकान में पंप इस्तेमाल न करें, क्योंकि तब दर्द का एहसास देर से होता है।
- अगर नीले निशान या सूजन जल्दी ठीक न हों, या इरेक्शन की समस्या लगातार बनी रहे, तो डॉक्टर से मिलें।
क्या पंप के बाद कॉक रिंग लगा सकते हैं?
कुछ पुरुष पंप के बाद इरेक्शन बनाए रखने के लिए नरम रिंग का इस्तेमाल करते हैं। ऐसा करना हो तो सिर्फ़ नरम, खिंचने वाली रिंग लें और उसे 20 मिनट के अंदर उतार दें। पूरा तरीका हमारी गाइड cock ring kya hai aur kaise use kare में है। अगर आपकी चिंता ज़्यादा देर टिकने की है, तो पंप की जगह delay spray kaise use kare और delay ring guide पढ़ें। और साइज़ का अस्थायी एहसास चाहिए, तो पेनिस स्लीव क्या होता है देखें।
पंप की सफ़ाई और देखभाल
हर इस्तेमाल के बाद सिलिंडर और नरम स्लीव को गुनगुने पानी और हल्के साबुन से धोएँ और पूरी तरह सुखाएँ। ऑटोमैटिक पंप का कंट्रोलर सूखा रखें; पानी में सिर्फ़ सिलिंडर और स्लीव धोएँ। फटा हुआ स्लीव या ढीली होज़ बदल दें, क्योंकि उससे सील ठीक नहीं बनती। सफ़ाई की और जानकारी के लिए पढ़ें: सेक्स टॉय कैसे साफ़ करें।
भारत में पेनिस पंप कैसे ख़रीदें?
ख़रीदते समय देखें कि प्रोडक्ट पेज पर सिलिंडर का साइज़ और पार्ट्स साफ़ लिखे हों, और "गारंटीड बढ़ोतरी" जैसे दावों से दूर रहें। Livemacy हर ऑर्डर सादे बॉक्स में भेजता है और लेबल पर प्रोडक्ट का नाम नहीं होता। आप PayU से पूरा भुगतान ऑनलाइन कर सकते हैं (UPI, कार्ड, नेट बैंकिंग या वॉलेट), या पार्शियल COD चुन सकते हैं: 50% ऑनलाइन और बाक़ी डिलीवरी पर OTP के साथ। मेट्रो शहरों में डिलीवरी आमतौर पर डिस्पैच के 1–3 बिज़नेस दिनों में और बाक़ी शहरों में 3–7 दिनों में होती है। कोई आइटम ख़राब, टूटा हुआ या ग़लत पहुँचे, तो डिलीवरी के 48 घंटे के अंदर बताएँ। पुरुषों के लिए और विकल्प यहाँ देखें: पुरुषों के लिए सेक्स टॉयज़।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, मेडिकल सलाह नहीं। कोई तकलीफ़ हो तो डॉक्टर से सलाह लें।
